महानिदेशक महोदय का संदेश
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    यह मेरे लिये अत्यंत गौरव का विषय है कि मुझे विश्व के सबसे बड़े एवं अद्वितीय सीमा रक्षक दलों में से एक, सीमा सुरक्षा बल के नेतृत्व का मौका मिला है। मैं पूरी विनम्रता से इस महती जिम्मेदारी को स्वीकार करता हूँ।

2. सर्वप्रथम मैं बल के शहीदों को अपने श्रद्धासुमन अर्पित करता हूँ जिन्होंने बल एवं राष्ट्र के गौरव के लिये बिना हिचक सर्वोच्च बलिदान दिया है।

3. भारत पाकिस्तान एवं भारत बांग्लादेश सीमाओं की सुरक्षा के वृहत् एवं बहुआयामी जिम्मेदारियों के सफल निर्वहन के साथ-साथ, सीमा सुरक्षा बल, आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी में वामपंथी अतिवादियों के विरूद्ध भी पूरी मुस्तैदी से राष्ट्र रक्षा के दायित्वों को निभा रहा है। बल कार्मिकों की उच्च कोटी की कर्त्तव्य परायणता एवं बल सुसंगठित प्रशिक्षण तंत्र, इस सफलता के प्रमुख कारक रहे हैं। अपने जुझारूपन एवं पूर्णतः पेशेवर कार्य शैली से सीमा सुरक्षा बल ने देश वासियों के दिलों मे एक जिम्मेदार एवं विश्वसनीय बल की जगह कायम की है।.

4. भविष्यभावी परियोजनाओं के साथ, सीमा सुरक्षा बल, सीमा प्रबंधन के क्षेत्र में अग्रणी की भूमिका निभा रहा है। बल के कार्मिक इस महत्वपूर्ण भूमिका की धुरी हैं जो देश के सीमांतों के कठिनतम मोर्चों पर निंरतर मुस्तैद रह कर, राष्ट्र रक्षा में अपना योगदान दे रहे हैं। उनके कार्यक्षेत्र को और भी अनुकूलित कर, प्रत्येक कार्मिक के कार्य को उचित सम्मान प्रदान कर तथा अन्य समुचित व्यवस्थाओं द्वारा, हम अपने कार्मिकों के कार्य निष्ठा के गौरव को और भी बढ़ा सकते हैं।

5. सीमा प्रबंधन की उत्तरोत्तर चुनौतियों से निपटने के लिये, आधुनिकतम तकनीक एवं प्रयोक्ता मानव संसाधन का सफल समायोजन मेरी प्राथमिकताओं में रहेगा।

6. मेरा यह विश्वास है कि अगर बल का प्रत्येक कार्मिक अपने आप को बल के ध्वजवाहक के रूप में पहचाने तो बल की कार्यक्षमता में और भी वृद्धि होगी, बल की कीर्ति और भी फैलेगी।

7. मैं बल के प्रत्येक स्तर के नेतृत्व वाहकों से यह आह्वान करता हूँ कि वे व्यक्तिगत तौर पर आपसी समन्वय एवं कार्यक्षमता बढ़ाने के प्रयास में ईमानदारी और पूर्ण पारदर्शिता के साथ निष्ठापूर्वक अनवरत् लगे रहें, ताकि हम अपने राष्ट्र निर्माण एवं राष्ट्र रक्षा के कर्त्तव्यपथ पर अविचल अग्रसर रहें।

      

                      जय हिन्द

 

(रजनी कांत मिश्र) भा.पु.से.
महानिदेशक
सीमा सुरक्षा बल



DG BSF's Message
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    It is a great honour to lead, Border Security Force, the largest and one of the best Border Guarding Forces of the world.

2. With great sense of responsibility, all humility and pride I am assuming the charge of Director General of Border Security Force, today on 30th September 2018.

3. I wish to begin with my salute with the deepest gratitude to the Martyrs of the Force, who laid down their lives in the line of duty for the glory of the Force and the Nation.

4. The multidimensional challenges and the enormity of mandated tasks of Border guarding on Pakistan and Bangladesh border along with added responsibility of internal security duties of Anti left wing Extremism are duly met by the force with its steadfast training regimes and with the sincerity of accomplishing tasks assigned. Border Security Force has earned the name of a dependable and trustworthy law enforcement agency of the country with its professionalism adaptability and resourcefulness combined with its tenacious work ethos.

5. BSF is a trend setter in Border management and already marching ahead in step with changing times and technology. Men and women of the Border Security Force, who commit themselves 24x7 on most difficult geographical terrain and on remote locations for securing Nation’s boundaries are the bedrock of the force. Conducive service conditions, dignity of service of every individual, better amenities and look after of their near n dear ones will definitely enhance their performance. These areas will be on my priority list.

6. With the ever changing challenges to Nation’s security, the force is already on onward march with futuristic concepts. Bringing semblance to the whole process of integration of technology and optimum use of human resources will be my priority.

7. I exhort each man and woman of the force, to prepare and present themselves always as the flag bearers of force individually. Your personal pride of being part of this great force resonates and bring positive changes in work environment. I also urge the leadership at all levels to involve themselves in inter personal relationship and capacity building maintaining the highest standards of integrity, transparency and probity.

(RAJNI KANT MISHRA) IPS
DIRECTOR GENERAL
BORDER SECURITY FORCE

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